वन रेंज खेसरहा में पेड़ कटान को लेकर गम्भीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। विभाग द्वारा जहां मात्र 05 पेड़ों के कटान का परमिट जारी किया गया था, वहीं मौके पर 06 पेड़ों को काट दिया गया। यह कटान 27 दिसम्बर 2025 तक की अनुमति के तहत किया जाना था, लेकिन परमिट की शर्तों की खुलेआम अनदेखी कर एक अतिरिक्त पेड़ काट लिया गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक खेसरहा रेंज में यह कोई पहली घटना नहीं है। यहां अक्सर एक-दो पेड़ों के परमिट पर कई पेड़ों की अवैध कटान कर दी जाती है। आरोप है कि इस पूरे खेल में रेंजर व सम्बन्धित कर्मियों की मिलीभगत से जंगल की हरियाली को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि बार-बार शिकायत के बावजूद न तो मौके का निरीक्षण किया जाता है और न ही दोषियों पर कोई जुर्माना लगाया जाता है। इस प्रकरण में रेंजर सुनील यादव ने स्वयं स्वीकार किया कि 04 महुआ और 01 आम के पेड़ के कटान का ही परमिट जारी किया गया था, जबकि मौके पर 06 पेड़ों की कटान पाई गई है। इसके बावजूद अब तक न तो पेड़ कटवाने वाले के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई हुई और न ही अतिरिक्त काटे पेड़ पर जुर्माना लगाया गया। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि खेसरहा रेंज में आम और महुआ जैसे बहुमूल्य पेड़ों की कटान बेखौफ जारी है। यह न केवल पर्यावरण के लिए घातक है बल्कि सरकारी नियमों और राजस्व को भी भारी नुकसान पहुंचा रहा है। अब बड़ा सवाल यह है कि जब खुद विभागीय अधिकारी अतिरिक्त कटान की पुष्टि कर रहे हैं, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? क्या खेसरहा रेंज अवैध लकड़ी माफियाओं के लिए सुरक्षित ठिकाना बन चुकी है? प्रशासन की चुप्पी इस पूरे मामले को और भी संदेह के घेरे में ला रही है।
सिद्धार्थनगर
खेसरहा रेंज में नियमों की खुलेआम उड़ रही धज्जियां, 5 पेड़ों के परमिट पर 6 पेड़ों का हुआ कटान
- by Netra 24 Times
- 29/12/2025
- 172 Views
- 2 months ago
