विकास खण्ड बांसी अन्तर्गत ग्राम पंचायत चेतिया में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारन्टी योजना (मनरेगा) के तहत कराये जा रहे कार्यों को लेकर गम्भीर सवाल खड़े हो गये हैं। ग्राम पंचायत में चार अलग-अलग खेतों पर समतलीकरण एवं मेड़ बंधी कार्यों की वित्तीय स्थिति सामने आने के बाद ग्रामीणों में पारदर्शिता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मनरेगा के तहत कराये गये इन चारों कार्यों में अकुशल श्रमिकों के लिए स्वीकृत धनराशि की तुलना में मस्टर रोल के माध्यम से जारी भुगतान अधिक दर्शाया गया है। साथ ही आरोप है कि परियोजनाओं की स्वीकृति से पूर्व ही सम्बन्धित खेतों में रबी फसल की बुवाई हो चुकी थी, ऐसे में खेत समतलीकरण व मेड़ बंधी कार्यों की स्वीकृति किस आधार पर दी गई, इस पर सवाल उठ रहे हैं। सुरेश के खेत का समतलीकरण एवं मेड़ बंधी कार्य में मस्टर रोल संख्या 5786, 5787, 5788 व 5789 के अन्तर्गत 29 नवम्बर 2025 से 12 दिसम्बर 2025 तक 32 श्रमिकों से कार्य कराया गया। इस दौरान 32×12 दिवस के हिसाब से ₹96,768 का मस्टर रोल जारी किया गया, जबकि अकुशल श्रमिकों के लिए स्वीकृत धनराशि ₹93,811.40 है। गौरी के खेत के समतलीकरण एवं मेड़ बंधी कार्य में 32 श्रमिकों के लिए ₹93,267.60 की स्वीकृति के सापेक्ष ₹96,768 का मस्टर रोल भुगतान दर्शाया गया है। बाबूराम के खेत के समतलीकरण एवं मेड़ बंधी कार्य में अकुशल श्रमिकों के लिए ₹1,06,497.40 की स्वीकृति के मुकाबले ₹1,08,864 का मस्टर रोल जारी किया गया। राम मिलन के खेत के समतलीकरण एवं मेड़ बंधी कार्य में स्वीकृत धनराशि ₹1,01,332.90 के सापेक्ष ₹1,11,888 का मस्टर रोल भुगतान दर्ज है। कुल मिलाकर चारों कार्यों में स्वीकृत राशि और जारी भुगतान के बीच अंतर स्पष्ट रूप से सामने आ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उदासीनता के चलते सरकारी धन के बन्दरबांट के लिए तरह-तरह के हथकण्डे अपनाये जा रहे हैं। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि विकास खण्ड बांसी में खुलेआम लूट का खेल चल रहा है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं। मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग जोर पकड़ने लगी है।
सिद्धार्थनगर
चेतिया में मनरेगा कार्यों पर सवाल, स्वीकृति राशि से अधिक भुगतान, जांच की मांग तेज
- by Netra 24 Times
- 14/12/2025
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- 2 months ago
