अस्पताल का फर्जी डाक्टर व संचालक लोगों को बताता है अपने आपको बड़ा डाक्टर। सीएमओ के निर्देश पर होगी जांच, निजी अस्पताल की भूमिका की होगी पड़ताल, आशा पर मरीजों को गुमराह करने का आरोप, सरकारी से निजी अस्पताल ले जाने का है मामला।
आदर्श नगर पंचायत शोहरतगढ़़ के बोरा पेट्रोल पम्प के बगल स्थित जनहित हास्पिटल एण्ड फ्रैक्चर क्लीनिक में गर्भवती महिला के आपरेशन के बाद हुई मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच तेज कर दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 रजत कुमार चौरसिया ने प्रकरण की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है। टीम में नोडल अधिकारी नैदानिक डा0 एम0एम0 त्रिपाठी, सीएचसी शोहरतगढ़ के अधीक्षक डा0 ए0के0 आजाद, स्त्री रोग विशेषज्ञ डा0 गरिमा मिश्रा एवं पीएचसी बढ़नी के प्रभारी चिकित्साधिकारी अविनाश चौधरी को शामिल किया गया है। आपको बता दें कि हलौरा निवासिनी शिकायतकर्ता/पीड़ित विमला देवी ने नपं शोहरतगढ़ में संचालित जनहित हास्पिटल एण्ड फ्रैक्चर क्लीनिक के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि उनकी बहू सावित्री पत्नी राजेश पासवान की डिलीवरी के लिए 01 दिसम्बर 2025 को सीएचसी शोहरतगढ़ लाया गया था। जहां तैनात आशा कार्यकत्री रेनू ने खून की कमी बताते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल में रक्त की व्यवस्था नहीं मिल पायेगी और जनहित हास्पिटल एण्ड फ्रैक्चर क्लीनिक में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस बात से परिजन घबरा गये और गर्भवती को शोहरतगढ़ के जनहित हास्पिटल एण्ड फ्रैक्चर क्लीनिक में भर्ती करा दिया गया। वहीं पीड़ित/शिकायतकर्ता के मुताबिक जनहित हास्पिटल एण्ड फ्रैक्चर क्लीनिक में ऑपरेशन किया गया, जिसके बाद महिला की हालत बिगड़ने लगी। पेशाब रुक गया और झटके आने लगे। इसके बाद अस्पताल संचालक अरविन्द तिवारी ने महिला को निजी वाहन से गोरखपुर भेज दिया। वहां लाभ न होने पर परिजनों ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज में उपचार कराया, जहां तीसरे दिन महिला की मृत्यु हो गई। शिकायत मिलने के बाद सीएमओ ने मामले को गम्भीर मानते हुए जांच टीम गठित की है और शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी।
