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सिद्धार्थनगर

रेलवे ट्रैक होकर स्कूली बच्चों को आना जाना खतरनाक, जिम्मेदार मौन

हर 10 मिनट में सुपरफास्ट ट्रेन का खतरा अधिकारियों की नींद उड़ाने वाली सच्चाई उजागर , बच्चों की जान पर बन आई, गड्डे-कीचड़ ने रोकी राह, रेलवे ट्रैक से आना-जाना बना मजबूरी।

जनपद सिद्धार्थनगर के चिल्हियां रेलवे स्टेशन क्षेत्र में हालात बेहद भयावह हो चुके हैं। नौगढ़ ब्लॉक और चिल्हिया क्षेत्र की दुर्दशा ऐसी है कि विस्डम वे स्कूल, जनता विद्या मंदिर इन्टर कॉलेज और वेणी माधव सिंह पब्लिक स्कूल के हजारों बच्चे रोजाना अपनी जान हथेली पर रखकर रेलवे ट्रैक से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। गांवों और स्कूलों को जोड़ने वाले रास्तों की हालत इतनी खराब है कि पूरा इलाका गहरे गड्डों और दलदल जैसे कीचड़ में तब्दील हो चुका है। सबसे खतरनाक बात इसी रेलवे लाइन पर हर 10 मिनट में सुपरफास्ट ट्रेनें दौड़ती हैं। बच्चे बैग कन्धे पर लटकाये, साइकिल से पटरियों पर चलते हुए मौत के साये में सफर करते हैं। बड़े हादसे का खतरा हर पल टंगा हुआ है। स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है कि लगातार शिकायतों के बावजूद प्रशासन की आंख अभी भी बन्द किए है। सीधे तौर पर सवाल यह है कि (सिस्टम को झकझोर देने वाला सवाल) विधायक विनय वर्मा  आपके क्षेत्र के बच्चे ट्रेनों के बीच अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। रास्तों पर पड़ी यह बदहाली क्या आपके विकास के दावों को कटघरे में नहीं खड़ा करती? सांसद जगदम्बिका पाल  लोकसभा क्षेत्र के भविष्य यानी बच्चों को सुरक्षित रास्ता तक न मिलना बेहद शर्मनाक है। क्या बच्चों की सुरक्षा पर कार्रवाई कब होगी? मुख्य विकास अधिकारी सिद्धार्थनगर जिले में करोड़ों की सड़क योजनाएं चल रही हैं, फिर भी चिल्हिया-नौगढ़ ब्लॉक में बच्चे ट्रैक पर चलने को मजबूर क्यों? जिम्मेदारी तय किसकी खण्ड विकास अधिकारी नौगढ़/चिल्हियां क्षेत्र के सभी अधिकारी आपके कार्यक्षेत्र की यह सबसे भयावह स्थिति है। रेलवे विभाग सुपरफास्ट ट्रेनों के बीच इतने बच्चे रोज ट्रैक पर क्यों? सुरक्षा उपाय कहां हैं? अगर प्रशासन अब भी नहीं जागा, तो सिद्धार्थनगर किसी बड़े हादसे का गवाह बन सकता है। बच्चों की सुरक्षा पर लापरवाही किसी भी सूरत में माफी योग्य नहीं है। यह खबर सिर्फ मुद्दा नहीं, सिस्टम की वास्तविक तस्वीर है, और यह सवाल हर जिम्मेदार अधिकारी से जवाब मांगता है।