आदर्श श्री रामलीला मण्डल स्वामी महावीर शरण जी कलाकारों के द्वारा मालीजोत चौराहे की बगीचे में मां शारदा पब्लिक प्रा0 स्कूल गांगूडीहा के प्रांगण 10 दिवसीय रामलीला की पांच दिन आदर्श श्री रामलीला मण्डल के कलाकारों के द्वारा लक्ष्मण परशुराम संवाद एवं सीता राम विवाह का मनमोहक मंचन किया गया। आपको बता दें कि परशुराम जी सीता स्वयंवर में शिव धनुष तोड़ने के बाद श्रीराम के पास आते हैं। वह क्रोधित होते हैं और श्रीराम को चुनौती देते हैं। लक्ष्मण की निर्भीकता लक्ष्मण, जो श्रीराम के छोटे भाई हैं, परशुराम के क्रोध को देखकर भी निर्भीक रहते हैं। वह परशुराम से कहते हैं कि वह श्रीराम की रक्षा के लिए तैयार हैं। परशुराम का क्रोध परशुराम लक्ष्मण की बात सुनकर और भी क्रोधित हो जाते हैं। वह लक्ष्मण को कहते हैं कि वह उनकी बातों को हल्के में न लें। लक्ष्मण की बुद्धिमत्ता लक्ष्मण परशुराम को समझाते हैं कि वह श्रीराम की महिमा और शक्ति को नहीं समझते हैं। वह परशुराम को कहते हैं कि श्रीराम के सामने उनकी शक्ति कुछ भी नहीं है। परशुराम का गर्व परशुराम लक्ष्मण की बात सुनकर थोड़े प्रभावित होते हैं, लेकिन उनका गर्व अभी भी बना रहता है। वह लक्ष्मण को अपनी शक्ति और पराक्रम के बारें में बताते हैं। वहीं संवाद मंचन में आगे, अंततः श्रीराम आते हैं और परशुराम को शान्त करते हैं। वह परशुराम को अपनी शक्ति और अवतार का उद्देश्य समझाते हैं। साहस और निर्भीकता लक्ष्मण का यह साहस और निर्भीकता दर्शाती है कि कैसे छोटे भाई बड़े भाई की रक्षा के लिए खड़े हो सकते हैं। सत्य और धर्म की रक्षा यह प्रसंग यह भी दर्शाता है कि सत्य और धर्म की रक्षा के लिए कैसे खड़े होना चाहिए। लक्ष्मण और परशुराम का यह संवाद रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों में से एक है। यह न केवल पात्रों के चरित्र को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है। उक्त अवसर पर उपस्थित रहे रामलीला समिति के अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार राष्ट्रीय सहारा पप्पू, राजू चौरसिया, पवन गुप्ता, शिवकुमार चौरसिया, आबिद अली सहित क्षेत्र के समस्त जनता उपस्थित रहीं।
सिद्धार्थनगर
लक्ष्मण परशुराम संवाद एवं राम सीता विवाह का हुआ मनमोहन मंचन
- by Netra 24 Times
- 16/12/2025
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- 2 months ago
