बांसी आदर्श नगर पालिका बांसी एक बार फिर है सवालों के घेरे में
विकास खण्ड कार्यालय बांसी के बगल अशोक नगर में लाखों रुपये की लागत से बना सामुदायिक शौचालय आज खुद बदहाली की तस्वीर बना हुआ है। शौचालय के अन्दर से लेकर बाहर तक गन्दगी का अम्बार लगा है और मुख्य गेट पर ताला लटका हुआ है। मानो यह जनता के लिए नहीं बल्कि कागजों की शोभा बनकर रह गया हो। इस स्थान पर विकास खण्ड कार्यालय, बैंक, खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण सरकारी संस्थान स्थित हैं, जहां रोजाना सैकड़ों लोग आते-जाते हैं। इसके बावजूद आम जनता, महिलाएं, बुजुर्ग और दिव्यांग लोग शौचालय के अभाव में परेशान होने को मजबूर हैं। नगर पालिका द्वारा स्वच्छता और जनसुविधा के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किये गये, लेकिन हकीकत यह है कि यह सामुदायिक शौचालय अब खण्ड़हर में तब्दील हो चुका है। यह साफ दर्शाता है कि नगर पालिका बांसी में विकास कार्य सिर्फ कागजों तक सीमित हैं। वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका में अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी (ईओ) को छोड़कर एक बाबू पूरे सिस्टम पर भारी पड़ रहा है। जिसकी मनमानी के चलते जनहित के कार्य ठप पड़े हैं और सरकारी धन का खुला दुरुपयोग हो रहा है। अब सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होगी और जनता की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपए का हिसाब लिया जायेगा?
