लोकसभा में वर्ष 2025-26 के प्रथम बैच की पूरक अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान शुक्रवार को डुमरियागंज सांसद जगदम्बिका पाल ने महत्वपूर्ण हस्तक्षेप करते हुए सरकार के वित्तीय प्रबन्धन, विकास प्राथमिकताओं और सार्वजनिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि सरकार द्वारा प्रस्तुत पूरक अनुदान मांगें देश की तात्कालिक विकास आवश्यकताओं, अवसंरचना निर्माण, सामाजिक सुरक्षा, कृषि-उत्पादकता और रोजगार सृजन के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मूल बजट प्रावधानों के अनुरूप ये अतिरिक्त निधियां उन क्षेत्रों में उपयोग की जायेगी, जहां तेजी से बढ़ते कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने हेतु वित्तीय समर्थन आवश्यक है। उन्होंने विपक्ष द्वारा उठाये गये बिन्दुओं का उत्तर देते हुए स्पष्ट किया कि यह सरकार पारदर्शी वित्तीय अनुशासन, राजकोषीय जिम्मेदारी और परिणाम-आधारित व्यय के सिद्धान्तों का पालन करती है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरक अनुदान कोई असामान्य प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक आवश्यक तंत्र है, जो बदलती परिस्थितियों और उभरती राष्ट्रीय आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सत्र के दौरान सांसद ने अपने संसदीय क्षेत्र से जुड़े अनेक विकास कार्यों की प्रगति का भी उल्लेख किया और कहा कि केन्द्र द्वारा निरन्तर सहयोग मिलने से स्थानीय स्तर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सड़क-अवसंरचना तथा जनकल्याण योजनाओं में सकारात्मक परिणाम दिख रहे हैं। सांसद जगदम्बिका पाल ने लोकसभा अध्यक्ष और वित्त मंत्रालय का आभार व्यक्त करते हुए आशा जताई कि यह अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान तेज गति से विकास और जनहितकारी कार्यों को आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे।
सिद्धार्थनगर
सांसद जगदम्बिका पाल ने संसद में वर्ष 2025-26 के प्रथम बैच की पूरक अनुदान मांगों पर रखे अपने विचार
- by Netra 24 Times
- 12/12/2025
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- 2 months ago
