विकास के क्षेत्र में सामाजिक कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान : सत्येन्द्र सिंह
समाज में बदलाव के वाहक हैं स्वयंसेवक
संवाददाता सन्तोष कुमार
सिद्धार्थ नगर के उसका ब्लॉक स्थित स्वाभिमान समिति के प्रशिक्षण केंद्र/कार्यालय में पिरामल फाउंडेशन और स्वाभिमान समिति के संयुक्त तत्वावधान में महिला स्वयंसेवकों का एक दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर ब्लॉक के विभिन्न ग्राम पंचायतों से आए 25 महिला स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन प्रोग्राम लीडर योगेन्द्र मोहन के नेतृत्व में हुआ। उन्होंने स्वयंसेवकों को समाज सेवा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज का वास्तविक विकास तभी संभव है जब हर व्यक्ति अपने सामाजिक उत्तरदायित्व को समझे और समुदाय के हित में कार्य करे।
कार्यक्रम के दौरान सीनियर प्रोग्राम लीडर सत्येन्द्र सिंह ने स्वयंसेवकों को सामाजिक विकास की दिशा में चल रही पहलों, समुदाय स्तर पर किए जाने वाले कार्यों और भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों की भागीदारी से सामुदायिक स्वास्थ्य, बच्चों और महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार, तथा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। अभिमुखीकरण के दौरान समूह गतिविधियों और इंटरैक्टिव सत्रों के माध्यम से स्वयंसेवकों को व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान किया गया। साथ ही, उन्हें यह भी बताया गया कि क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान संबंधित आंकड़ों के लिए निर्धारित गूगल लिंक भरना आवश्यक होगा, जिससे डेटा संग्रह में पारदर्शिता और कार्यकुशलता सुनिश्चित होगी।
कार्यक्रम में स्वाभिमान समिति से सचिव विनोद प्रजापति, अध्यक्षा ममता वर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। ममता वर्मा ने बताया कि यह कार्यक्रम जिले में सामाजिक विकास, स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के क्षेत्र में एक सशक्त पहल के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में सभी स्वयंसेवकों ने अपने क्षेत्र में सक्रिय रहकर समाज परिवर्तन की दिशा में निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।
चर्चा के दौरान सत्येन्द्र सिंह ने बताया कि समाज में बदलाव के वाहक हैं स्वयंसेवक उन्होंने ने समुदाय स्तर पर चल रही विभिन्न सामाजिक पहलों और भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी से सामुदायिक स्वास्थ्य में सुधार, महिलाओं और बच्चों के पोषण स्तर को बढ़ाने, तथा शिक्षा की गुणवत्ता में मजबूती लाई जा सकती है।
“एक सच्चा सामाजिक कार्यकर्ता वही है जो समाज की वास्तविक जरूरतों को समझकर उस दिशा में ठोस पहल करे।”
स्वाभिमान समिति की सहभागिता से कार्यक्रम बना सफल इस अवसर पर स्वाभिमान समिति से सचिव विनोद प्रजापति, अध्यक्षा ममता वर्मा ने बताया कि यह कार्यक्रम जिले में सामाजिक विकास, स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के क्षेत्र में एक सशक्त पहल के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि “महिला स्वयंसेवक समाज की वह ताकत हैं जो हर गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़ सकते हैं।”
