स्थानीय शिवपति स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बुधवार को राष्ट्रीय सेवा योजना की रानी लक्ष्मीबाई एवं स्वामी विवेकानन्द इकाइयों द्वारा रानी लक्ष्मीबाई जयन्ती के पावन अवसर पर एक प्रेरणादायक संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं को वीरांगना के जीवन से प्रेरणा लेने का सन्देश दिया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो0 अरविन्द कुमार सिंह ने रानी लक्ष्मीबाई के जीवन, संघर्ष और बलिदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि रानी लक्ष्मीबाई केवल झाँसी की रानी नहीं थीं, बल्कि भारत की स्वतन्त्रता की प्रथम मशाल थीं, जिनका जीवन साहस, आत्मबल और मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई ने स्त्री शक्ति की परिभाषा को नये सिरे से गढ़ा और यह सिद्ध किया कि नारी केवल गृहस्थी तक सीमित नहीं, वह रणभूमि में भी पराक्रम दिखा सकती है। अंग्रेजों के विरुद्ध उनका संघर्ष आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत है और उनके बलिदान की गाथा इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे रानी लक्ष्मीबाई के आदर्शों को आत्मसात करें और राष्ट्रसेवा के लिए सदैव तत्पर रहें, क्योंकि जब उद्देश्य राष्ट्रहित हो, तब कोई भी बलिदान बड़ा नहीं होता। कार्यक्रम का संचालन डॉ0 राम किशोर सिंह, कार्यक्रम अधिकारी एनएसएस ने किया, जिसमें उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई के जीवन प्रसंगों को भावनात्मक रूप से प्रस्तुत करते हुए युवाओं को जागरूक किया। उन्होंने वीरांगना के संघर्ष को वर्तमान समय की चुनौतियों से जोड़ते हुए यह सन्देश दिया कि प्रत्येक युवा में राष्ट्रसेवा की चिंगारी प्रज्वलित होनी चाहिए। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकों में डॉ0 अजय कुमार सिंह, इन्द्रदेव वर्मा, डॉ0 शिष्टपाल सिंह की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी गौरवपूर्ण बना दिया। इसके साथ ही छात्र-छात्राओं में खुशी पाण्डेय, सबा, शिवांगी, विशाल, सुग्रीव, आशीष आदि की सक्रिय सहभागिता उल्लेखनीय रही। इन विद्यार्थियों ने अपने विचारों के माध्यम से रानी लक्ष्मीबाई को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनमें राष्ट्रप्रेम, वीरता और नारी शक्ति के प्रति सम्मान की भावना स्पष्ट रूप से झलक रही थी।
सिद्धार्थनगर
रानी लक्ष्मीबाई जयन्ती पर संगोष्ठी, राष्ट्रसेवा की प्रेरणा बनी वीरांगना
- by Netra 24 Times
- 21/11/2025
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- 3 months ago
