बेअसर साबित हो रहा शिक्षा मंत्रालय का आदेश, छात्रों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा विपरीत प्रभाव
आदर्श नगर पंचायत शोहरतगढ़़ तथा आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालयों के ठीक बगल में दुकानों व गुमटियों पर गुटखा, तंबाकू और सिगरेट की खुलेआम बिक्री चिन्ता का विषय बन गई है। यह स्थिति तब है, जब शिक्षा मंत्रालय द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किये गये हैं कि किसी भी स्कूल, कालेजों अथवा शैक्षणिक संस्थान के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर इन निर्देशों का पालन होते नहीं दिख रहा है और दुकानदार बेखौफ होकर छात्रों के बीच ऐसे हानिकारक पदार्थों की उपलब्धता बनाये हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक कई स्कूलों व कालेजों के बाहर बनी दुकानें व छोटी-छोटी गुमटियों पर तंबाकू, गुटखे और सिगरेट की बिक्री रोजाना होती है। इससे विद्यालय में पढ़ने वाले कुछ छात्र भी इसकी चपेट में आने लगे हैं। अभिभावकों का कहना है कि स्कूली बच्चों के हाथों में तंबाकू उत्पादों का पहुंचना बेहद चिन्ताजनक है और यह न सिर्फ उनके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि उनके भविष्य पर भी गलत प्रभाव डाल रहा है। कई अभिभावकों ने शिकायत की है कि सुबह और छुट्टी के समय इन गुमटियों पर बच्चों की भीड़ देखी जाती है, जिससे इस बात की पुष्टि होती है कि यह समस्या गम्भीर रूप ले चुकी है। अभिभावकों ने स्थानीय प्रशासन से कड़ा कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इन दुकानों व गुमटियों पर रोक नहीं लगाई गई, तो यह लत बच्चों के भविष्य को बर्बाद कर सकती है। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि विद्यालयों के आस-पास नियमित निरीक्षण किया जायें और जिन दुकानदारों द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इस मामले में एसडीएम शोहरतगढ़ विवेकानन्द मिश्रा ने बताया कि प्रशासन स्थिति का संज्ञान ले चुका है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों और कॉलेजों के पास यदि कोई तंबाकू, गुटखा या सिगरेट बेचते पाया जाता है, तो उसे तुरन्त हटवाया जायेगा। इसके साथ ही इस प्रकार की बिक्री पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जायेगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए सख्त कार्रवाई की जायेगी।
