ददरी मेला उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला एक ऐतिहासिक और पौराणिक मेला है। यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा पशु मेला माना जाता है।
धार्मिक महत्व: मेले की शुरुआत कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा नदी में पवित्र स्नान के साथ होती है, जिसके बाद श्रद्धालु महर्षि भृगु और दर्दर मुनि के चरणों में जल चढ़ाते हैं।
पशु व्यापार: यह मेला अपने पशु बाजार के लिए सबसे अधिक जाना जाता है, जहाँ पूरे भारत से व्यापारी मवेशियों की बेहतरीन नस्लें खरीदने और बेचने के लिए आते हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रम: पशु मेले के अलावा, यहाँ एक महीने तक मीना बाजार, झूले और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम (जैसे दंगल प्रतियोगिता और क्रिकेट महाकुंभ) आयोजित होते हैं।
ऐतिहासिक ‘भारतेंदु कला मंच’: इसी मेले के मंच से आधुनिक हिंदी साहित्य के पितामह भारतेंदु हरिश्चंद्र ने वर्ष 1884 में “भारत वर्षोन्नति कैसे हो सकती है?” पर अपना प्रसिद्ध भाषण दिया था।
बलिया ददरी मेला-2025 के गायन/नृत्य/वादन/नाटक/कवि व हास्य कलाकारो द्वारा ददरी मेला के सांस्कृतिक मंच/भारतेन्दु मंच पर अपनी प्रस्तुति देने हेतु अपनीसहमति दी है।
प्रस्तुति देने वाले कलाकारों का विवरण इस प्रकार है —
1- वैष्णवी राय, रामपुर उदयभान बलिया, भजन/लोक गायन
2- मंजीत पाण्डेय, चितबड़ागांव बलिया, भजन/लोकगीत
3- मनोज कुमार सिंह, ग्राम नरनी पो0 सरायभारती बलिया, भोजपुरी लोकगीत (बिरहा)
4- कमलेश यादव, ग्राम तेनुही पो0 पकड़ी बलिया, भोजपुरी लोकगीत (बिरहा)
5- सुनील कुमार वर्मा, ग्राम सोबईबांध (बिशुनपुरा) पो0 करनई बलिया, गायन
6- प्रिया वर्मा, ग्राम व पोस्ट बसंतपुर, बलिया, भजन एवं लोक गायन
7- सखीचन्द राजभर, ग्राम व पोस्ट हल्दीरामपुर, नारापार, बलिया, बिरहा लोकगीत गायन
8- सुधांशु पाण्डेय, ग्राम व पोस्ट मैरीटार, जनपद बलिया, तबला बादन (सोलो)
9-जितेन्द्र कुमार वर्मा, ग्राम परिखरा पोस्ट तिखमपुर, बलिया, लोकगीत, गजल, भजन
10-रमेश प्रसाद, ग्राम पाण्डेयपुर पोस्ट संवरा, बलिया, भोजपुरी लोकगीत
11-अजय कुमार ‘‘राज’’, ग्राम व पोस्ट बांसडीह निकट स्टेट बैंक, बांसडीह, बलिया, भजन-गायन
12-प्रियांशु यादव, ग्राम निरुपुर पोस्ट सीताकुण्ड, बलिया, लोकगीत
13-जयप्रकाश यादव, टैगोर नगर बलिया, लोक विधा
14-संगम राजा उर्फ रविकांत प्रजापति, जमुआ बलिया, गायन
15-अंकित कुमार पाठक, हरलाल छपरा, जनाड़ी बलिया, गायन
16-आशुतोष गुप्ता, भृगु आश्रम, बलिया, गायन
17- विशाल पाण्डेय, ग्राम व पोस्ट पौहारीपुर, गड़वार रोड, बलिया, नृत्य
18-गणेश यादव, वजीरापुर दियर, बलिया, कथक नृत्य, सोलो
19-रवि कुमार, ग्राम व पोस्ट महाबीर घाट, 8गायत्री मन्दिर, बलिया, लोकनृत्य
20-अर्चना सिंह और समूह, सनबीम स्कूल, बलिया, कथक (शास्त्रीय नृत्य)।
