भाजपा सरकार द्वारा लोकसभा में मनरेगा से सम्बन्धित बिल पेश किये जाने और मनरेगा का नाम बदलने की साजिश के विरोध में कांग्रेसियों ने किया जोरदार विरोध प्रदर्शन।
केन्द्र की भाजपा सरकार द्वारा लोकसभा में मनरेगा से सम्बन्धित बिल पेश किये जाने और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारन्टी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलने की साजिश के विरोध में सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष काजी सुहेल अहमद की अगुवाई में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ता दिन में 12•30 बजे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी का चित्र हाथ में लेकर जिला कांग्रेस कार्यालय से सरकार विरोधी नारे लगाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और वहां पहुंचकर शान्तिपूर्ण आक्रमक तेवर में विरोध जताया। इस अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष काजी सुहेल अहमद ने कहा कि लोकसभा में पेश किया गया मनरेगा सम्बन्धी बिल मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करने और इस जनकल्याणकारी योजना को धीरे-धीरे समाप्त करने की साजिश है। मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि गरीब, किसान और मजदूर की जीवनरेखा है। लोकसभा में पेश किया गया बिल और मनरेगा का नाम बदलने का प्रयास महात्मा गांधी जी के विचारों पर सीधा हमला है। जिला उपाध्यक्ष अनिल सिंह अन्नू एवं सादिक अहमद और बदरे आलम ने कहा कि भाजपा सरकार गरीबों से रोजगार और गांधी जी से उनका सम्मान छीनना चाहती है, जिसे कांग्रेस किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। जिला महासचिव सतीश चन्द्र त्रिपाठी, राजन श्रीवास्तव एवं युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि यदि केन्द्र सरकार ने मनरेगा से छेड़छाड़ और नाम बदलने का फैसला वापस नहीं लिया, तो कांग्रेस पार्टी सड़कों से संसद तक व्यापक आन्दोलन छेड़ेगी। इस अवसर पर जिल्ले गालिब, पवन पाण्डेय, रियाज मनिहार, सुदामा प्रसाद, होरी लाल श्रीवास्तव, रितेश त्रिपाठी, रितेश त्रिपाठी, मुकेश चौबे, शाहिद प्रधान, रियाजउद्दीन राईनी, उजैर खान, दिवाकर त्रिपाठी, रिजवान खान, मोहम्मद आसिफ, विज्ञानी बाबा, दिलीप कुमार, आलोक, गुल्ली, सहित तमाम कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।
