ग्राम प्रधान, सचिव, जेई व ठेकेदार के आपसी गठजोड़ से गांवों में विकास के नाम पर कुछ लोगों के निजी खातों व फर्म के नाम पर सरकारी धन का बन्दरबांट
सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद ग्राम पंचायतों में विकास के नाम पर भ्रष्टाचार रुकने का नाम नही ले रहा है। सूत्रों की मानें तो विकास खण्ड बढ़नी क्षेत्र में कई ऐसे ग्राम पंचायत है, जहां ग्राम प्रधान, सचिव एमबी करने वाले जेई व ठेकेदार के आपसी गठजोड़ से सरकारी धन का बन्दरबांट किया जा रहा है। वहीं चुनाव नजदीक आते ही चुनाव लड़ने वाले लोग भी सक्रिय हो गये है और पिछले पांच वर्षों में होने वाले विकास कार्यों पर नजर बनाये हुए हैं। जिन ग्राम पंचायतों में अनियमितता हुई है और विकास के नाम पर सरकारी धन का बन्दरबांट किया गया है। उसकी भी पोल अब मीडिया के माध्यम से खुलने लगी है। आपको बता दें कि ग्राम पंचायत गनेशपुर, लोहटी, खैरी झुंगहवा, धनौरा मुस्तहकम, पिकौरा, जुगडिहवा, सिहोरवा, मदरहिया, रोईनिहवा, बैदौली, गोल्हौरा, शिवभारी, खैरी शीतल, चन्दई, पचउध, पड़रिया, चन्दवा, धन्धरा, चम्पापुर आदि ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव, तकनीकी सहायक समेत अन्य अधिकारियों की मिलीभगत से मनरेगा, पंचायत निधि और अन्य विकास कार्यों में भारी अनियमितता व हेरफेर कर धांधली करने का मामला प्रकाश में उजागर हो रहा है। सूत्रों की मानें तो विकास खण्ड बढ़नी क्षेत्र अन्तर्गत ग्राम पंचायत तालकुण्डा के पंचायत भवन में लाइब्रेरी, इन्टरलाकिंग, मिट्टी कार्य, नाली, खड़न्जा, कूप मरम्मत, स्कूल, आंगनबाड़ी, आरोग्य मंदिर, एनएम सेन्टर, दवा छिड़काव, साफ सफाई, आरसी सेन्टर, नाली ढक्कन आदि विकास के नाम पर ग्राम प्रधान व सचिव ने निर्माण कार्यों में वास्तविक खर्च से कहीं अधिक भुगतान व अनियमितता कर सरकारी धन का बन्दरबांट किया गया है। वहीं कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में होने वाले इन विकास कार्यों की जांच होनी चाहिए।
