कार्यालय में तैनात एक कम्म्पयूटर आपरेटर ने उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायती पत्र भेजकर धन उगाही व मानसिक उत्पीड़न का लगाया था गम्भीर आरोप
एडीओ पंचायत कार्यालय बढ़नी में फैले भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी ने अपर जिला पंचायतराज अधिकारी को जांच सौंपी है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक बीते कुछ दिनों पहले कार्यालय में तैनात एक कर्मचारी जनार्दन कुमार पाण्डेय ने सहायक विकास अधिकारी के ऊपर गम्भीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी सहित तमाम उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायती पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई थी। पीड़ित कर्मचारी ने भेजे गये शिकायती पत्र में लिखा था कि वह एडीओ पंचायत कार्यालय बढ़नी ब्लाक में कम्प्यूटर आपरेटर के पद पर कार्यरत है। सहायक विकास अधिकारी (पं0) के द्वारा अक्टूबर माह में धन का मांग किया गया था, जिसे मेरे द्वारा नहीं दिये जाने पर मुझे तहसील पर सम्बद्ध कर दिया गया है। विकास खण्ड में सहायक विकास अधिकारी के कार्यालय में सफाई कर्मी राकेश कुमार एवं राजकिशोर मौर्या को सम्बद्ध किया गया है, जो विकास खण्ड के ही दो ग्राम पंचायतों में तैनात हैं। जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र, परिवार रजिस्टर नकल आदि के नाम पर इन्हीं सफाई कर्मियों के माध्यम से सहायक विकास अधिकारी (पं0) द्वारा धन उगाही की जा रही है। सहायक विकास अधिकारी (पं0) के कार्यालय में ना ही मुझे बैठने की अनुमति दी जा रही है और न ही कार्य करने के लिए कम्प्यूटर-सेट दिया जा रहा है। जिसके सम्बन्ध में जिला पंचायत राज अधिकारी वाचस्पति झा द्वारा अपर जिला पंचायत राज अधिकारी को जनार्दन पाण्डेय कम्प्यूटर आपरेटर स्वच्छ भारत मिशन विकास खण्ड बढनी द्वारा शिकायती पत्र में उल्लिखित तथ्यों की जांचकर अपनी सुस्पष्ट आख्या शीघ्र साक्ष्यों सहित उपलब्ध कराने का दिशा-निर्देश जारी किया गया है।
