हिन्दू विरोधी हिंसा एवं हिन्दुओं का बह रहा खून पर पीएम मोदी मौन क्यों – इमरान लतीफ
सरकार बतायें कि हिन्दू पहले या कॉर्पोरेट – इमरान लतीफ
बांग्लादेश में हिन्दू समुदाय के विरुद्ध हो रहे संगठित नरसंहार, मंदिरों पर हमले, महिलाओं और बच्चों के साथ की जा रही अमानवीय बर्बरता और भय के साये में हो रहे जबरन पलायन को लेकर आम आदमी पार्टी “आप” ने मोदी सरकार पर विरोध प्रदर्शन कर तीखा हमला बोला है। डुमरियागंज तहसील मुख्यालय पर हुए धरना प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए प्रान्तीय अध्यक्ष इंजीनियर इमरान लतीफ ने कहा है कि पड़ोसी देश में हिन्दुओं का खून बह रहा है और भारत की केन्द्र सरकार सत्ता, व्यापार और कॉर्पोरेट हितों की आड़ में आंखें मूंदे बैठी है। आम आदमी पार्टी के प्रान्तीय अध्यक्ष इमरान लतीफ ने मोदी सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जब बांग्लादेश में हिन्दू महिलाओं की इज्जत लूटी जा रही है, मंदिर जलाए जा रहे हैं और पूरा गांव डर के साये में जीने को मजबूर हैं, तब प्रधानमंत्री मोदी खामोश क्यों हैं? क्या हिन्दुओं का जीवन अडानी जैसे कॉर्पोरेट सौदों से कम अहम है?इमरान लतीफ ने आगे कहा कि मोदी सरकार की यह चुप्पी कायरता नहीं तो और क्या है? अगर सत्ता में बैठी सरकार आज भी व्यापार और बिजली आपूर्ति को प्राथमिकता दे रही है, तो यह साफ है कि उनके लिए मानवता और हिन्दूजनों से ज्यादा मुनाफा मायने रखता है। आप नेता इमरान लतीफ ने कहा कि अगर आज भारत सरकार ने निर्णायक कदम नहीं उठाए, तो यह इतिहास में दर्ज होगा कि सत्ता के लालच में मोदी सरकार ने हिन्दुओं के साथ हो रहे अत्याचारों पर आंखें मूंद लीं। इमरान लतीफ ने चेतावनी दी कि यदि केन्द्र सरकार ने तत्काल ठोस कार्रवाई नहीं की, तो आम आदमी पार्टी देशभर में जन आन्दोलन, प्रदर्शन और संवैधानिक दबाव के ज़रिये सरकार को जवाबदेह बनाने के लिए मजबूर होगी। आम आदमी पार्टी पीड़ित हिन्दू समुदाय के साथ खड़ी है और यह लड़ाई तब तक लड़ेगी जब तक अत्याचार बन्द नहीं होते। प्रान्त महासचिव रजत चौरसिया ने कहा कि आम आदमी पार्टी मांग करती है कि बांग्लादेश से सभी व्यापारिक और कूटनीतिक सम्बन्ध तुरन्त खत्म किये जायें। जिला प्रभारी अनुज पाठक ने कहा कि भारत की बिजली किसी ऐसे देश को नहीं दी जा सकती, जहां खुलेआम हिन्दुओं को निशाना बनाया जा रहा हो। अडानी समूह द्वारा दी जा रही बिजली आपूर्ति भी तुरन्त रोकी जाएं। जिला अध्यक्ष जलाल अहमद ने कहा जिस तरह बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारत में संरक्षण दिया जा रहा है, उसका खामियाजा वहां के हिन्दू और भारतीय मूल के लोग भुगत रहे हैं। प्रधानमंत्री को यह स्पष्ट करना होगा कि क्या यह संरक्षण हिन्दू विरोधी हिंसा की कीमत पर दिया जा रहा है? वहीं प्रदर्शन में कृष्ण गोपाल चौधरी, इमरान खान, नोमान उस्मानी, शिव कुमार, अजय यादव, डॉ0 आमिर काजी, मो0 आलम, पप्पू शेख, बब्लू मलिक, साजिद आदि मौजूद रहे।
