आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सिद्धार्थ विश्वविद्यालय इकाई द्वारा स्वामी विवेकानंद जी के जन्म जयंती के अवसर पर “स्वामी विवेकानंद – Gen Z के लिए सन्देश” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया एवं विश्वविद्यालय परिसर में छात्र -छात्राओं में शैक्षिक नवाचार को बढ़ावा देने हेतु “बुद्ध स्वाध्याय मंडल” का शुभारम्भ किया गया। विषय विषय विशेषज्ञ के रूप में सहायक आचार्य डॉ प्रदीप पाण्डेय उपस्थित रहे। संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय साहित्य परिषद के जिला महामंत्री एवं सहायक आचार्य डॉ जय सिंह यादव ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा की “वर्तमान सामाजिक परिवेश में स्वामी विवेकानंद का जीवन दर्शन ही युवाओं को मार्गदर्शन करने का क्षमता रखता है।” युवाओं को स्वामी जी के वेदांत दर्शन को अपने जीवन में आत्मसात करने की आवश्यकता है। प्रवासी के रूप में उपस्थित गोरक्ष प्रान्त के सविष्कार संयोजक आदित्य प्रताप सिंह ने कहा की “समाज मे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ही ऐसा एकमात्र संगठन है जिसने स्वामी विवेकानंद जी के जीवन को सामान्य विद्यार्थियों के बीच में पहुँचाने का कार्य किया। विद्यार्थी परिषद ने विवेकानंद जी के जीवनी से संबंधित विभिन्न अभियानों को अपने स्थापना काल से संचालित करते आया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परीषद के नेपाली विद्यार्थी कार्य के राष्ट्रीय संयोजक ने सम्बोधित करते हुए कहा की “ज़ब आज Gen -Z के बीच में विभिन्न प्रकार के नकारात्मक विमर्श भारत के शैक्षिक परिसरों में खड़ा किया जा रहा तो ऐसे समय में स्वामी विवेकानंद जी की प्रासंगिकता और अधिक बढ़ जाती है। स्वामी विवेकानंद जी का राष्ट्र प्रेम भारत के युवाओं के लिए अनुकरणीय है । कार्यक्रम का संचालन इकाई मंत्री हिमांशु अग्रहरी व आभार ज्ञापन इकाई उपाध्यक्ष रुपाली कुमारी ने किया। संगोष्ठी में मुख्य रूप से विभाग संगठन मंत्री अमर्त्य सुंदरम्,चंद्र किशोर, कुशल, अंकिता राव, दीपाली मौर्या आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे ।
