यूं तो उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों का पंचवर्षीय कार्यकाल समाप्त होने को है, लेकिन पूर्व प्रधानी कार्यकाल में ग्राम पंचायत निधि से कराये जाने वाले पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य अभी अधर में लटका हुआ है, जिसको लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं हैं? आपको बता दें कि पूरा मामला विकास खण्ड शोहरतगढ़ के ग्राम पंचायत गजहड़ा का है। जहां कथित रूप से पंचायत भवन के रूप में कराये गये कार्य केवल नींव तक आने के बाद ठप हो गया है और तो वहीं सामुदायिक शौचालय में उसकी तत्कालीन लागत से अधिक का भुगतान होने के बाद भी आज भी ग्रामीणों के प्रयोग में नहीं आ रहा है। प्राप्त सूत्रों के मुताबिक इस मामले में वर्ष 2022 में अधिशाषी अभियन्ता सिंचाई निर्माण खण्ड द्वारा जांच भी हुई थी, लेकिन वर्तमान स्थिति को लेकर कैमरे के सामने जिम्मेदार कुछ भी कहने को तैयार नहीं है। वहीं जांच अधिकारी के पत्र संख्या-1581 दिनांक- 27.09.2022 की बात करें, तो उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट उपलब्ध करायी गयी है, जिसमे उनके द्वारा यह उल्लिखित किया गया है कि सामुदायिक शौचालय निर्माण कार्य मे 4,08,000,00 के स्थान पर 5,09,000.00 रुपये आहरित किये गये है। जांच अधिकारी द्वारा सामुदायिक शौचालय का जो फोटोग्राफ संलग्न किया गया है, वह बिल्कुल खण्डहर जैसा है एवं अधूरा है। ऐसी स्थिति में सामुदायिक शौचालय मद में आहरित की गई कुल धनराशि 5,09,000,00 रुपये वसूली योग्य है। वहीं जांच आख्या में पंचायत भवन निर्माण कार्य के सम्बन्ध में उल्लिखित किया गया है कि 20 लाख के प्राक्कलन के सापेक्ष 3,78,912.00 रुपये का भुगतान किया गया है। जांच आख्या के साथ संलग्न फोटोग्राफ में कराया गया कार्य पूरी तरह से मानक विहीन एवं निष्प्रयोज्य परिलक्षित हो रहा है। उपरोक्त दोनो कार्य आपके कार्यकाल के है। उन्होंने यह भी लिखा कि आपसे (पूर्व ग्राम प्रधान से) अपेक्षा की जाती है कि पत्र प्राप्ति के 15 दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें कि क्यों न आपके विरुद्ध उ0प्र0 पंचायतराज अधिनियम 1947 की धारा-27 के अन्तर्गत दुरुपयोग की धनराशि 8,87,912.00 रुपये के 50 प्रतिशत भाग की वसूली भू-राजस्व के बकाये की भांति कर दी जायेगी? यदि नियत अवधि के भीतर आप द्वारा स्पष्टीकरण प्रस्तुत नही किया जाता है अथवा आप द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण सन्तोषजनक नही पाया जाता है, तो आपके विरुद्ध उ0प्र0 पंचायतराज अधिनियम 1947 की धारा-27 के प्राविधानों के अन्तर्गत गबन की गई धनराशि के 50 प्रतिशत भाग की वसूली भू-राजस्व के बकाये की भांति कर दी जायेगी, जिसके समस्त परिणामों के लिये आप व्यक्तिगत रुप से उत्तरदायी होंगे। खैर इसी मामले को लेकर गजहड़ा गांव के ग्राम प्रधान सहयोगी यार मोहम्मद ने पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालय के विषय को लेकर तहसील समाधान दिवस में शिकायत की है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पंचायत भवन का निर्माण न होने के कारण अस्थाई रूप से पंचायत भवन बनाकर कार्य किया जा रहा है और आज भी गांव का सामुदायिक शौचालय स्वच्छ भारत मिशन को आइना दिखा रहा है। इस सम्बन्ध में खण्ड विकास अधिकारी शोहरतगढ़़ चन्द्रभूषण त्रिपाठी ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। पत्रावली मंगाकर उसे दिखवाता हूं, यदि नियम विरुद्ध कार्य हुआ है, तो निश्चित ही उचित कार्रवाई की जायेगी।
सिद्धार्थनगर
ग्राम परियोजना को नहीं मिला आकार, अधर में लटका निर्माणाधीन पंचायत भवन व सामुदायिक शौचालय
- by Netra 24 Times
- 16/01/2026
- 131 Views
- 1 month ago
